देहरादून ; 03.09.2026।
देहरादून। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर खुशहाली की प्रार्थना की। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर जारी संदेश में उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए मार्गदर्शन का व्यापक स्रोत है। उनके जीवन की विभिन्न परिस्थितियां यह संदेश देती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, न्याय और कर्तव्य के रास्ते से विचलित नहीं होना चाहिए। श्रीकृष्ण ने अपने कर्मों और विचारों के माध्यम से समाज को धर्म, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों की दिशा दिखाई।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने प्रेम और करुणा के साथ-साथ त्याग, सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता को भी महत्व दिया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उनके हितों के लिए कार्य किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज का प्रत्येक वर्ग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेगा, तभी मजबूत और समरस समाज की नींव तैयार होगी।
मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका कर्मयोग का संदेश आज के दौर में भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गीता मानव को अपने दायित्वों का ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा देती है। व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिणाम की अनावश्यक चिंता से मुक्त रहकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गीता में समाहित ज्ञान, भक्ति, योग और कर्म का दर्शन व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति प्रदान करता है। इन शिक्षाओं को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को केवल पूजा और उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास करें। उन्होंने प्रेम, भाईचारा, आपसी सम्मान और सामाजिक एकजुटता को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक सोच के माध्यम से उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में प्रत्येक नागरिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रदेशवासी समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करेंगे तथा राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

