देहरादून ; 04.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल पहुंचे, जहां उन्होंने नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। फिल्म में बाबा की भक्ति, मानव सेवा, करुणा और लोककल्याण से जुड़े विचारों को केंद्र में रखते हुए उनकी आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा समेत कई जनप्रतिनिधि, दायित्वधारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। फिल्म देखने के दौरान दर्शकों के बीच भी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषय पर आधारित इस प्रस्तुति को लेकर उत्सुकता नजर आई।
फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत की पहचान केवल उसकी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति से ही नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संत परंपरा से भी बनी है। देश के संतों ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को सेवा, सद्भाव, करुणा और सत्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी परंपरा का ऐसा उदाहरण है, जिसमें आध्यात्मिक साधना के साथ मानव सेवा और प्रेम को विशेष महत्व दिया गया।
कैंची धाम की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साधना, तप और संत परंपरा से जुड़ी रही है। नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। नीम करौली बाबा से जुड़ी इस आध्यात्मिक विरासत ने उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर भी एक अलग पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि जब संतों के जीवन और उनके विचारों को आधुनिक माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है तो नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे रचनात्मक प्रयास भारतीय परंपराओं और मानवीय मूल्यों को वर्तमान समय से जोड़ने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
सेवा और मानवता को केंद्र में रखती है फिल्म
मुख्यमंत्री के अनुसार ‘हनुमान अंश’ केवल एक फिल्मी प्रस्तुति नहीं, बल्कि संत जीवन से जुड़े विचारों और मूल्यों को दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम भी है। फिल्म में श्रद्धा, सेवा, प्रेम, विनम्रता और मानव कल्याण जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। इसके जरिए नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक पक्ष और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण को सामने लाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में जब समाज तेजी से बदल रहा है, ऐसे समय में फिल्मों और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए सकारात्मक जीवन मूल्यों को सामने लाना महत्वपूर्ण है। सेवा और संवेदना जैसे विचार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने की क्षमता रखते हैं।
फिल्म की टीम को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से जुड़े विषयों पर बनने वाली सकारात्मक फिल्में दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ प्रेरणा भी दे सकती हैं।
‘हनुमान अंश’ का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हिंदी भाषा में यह फिल्म 7 अगस्त 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी नीम करौली बाबा के व्यक्तित्व, आध्यात्मिक जीवन और उनके सेवा भाव से जुड़े पहलुओं को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करती है।

