देहरादून ; 28.08.2026,
लोहियाहेड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड में स्थानीय कारोबार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को जमीनी स्तर पर सामने रखा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पैदल भ्रमण करते हुए स्थानीय लोगों और व्यापारियों से मुलाकात की। इसी दौरान वह स्थानीय स्तर पर टिक्की का स्टॉल लगाने वाले रवि के पास पहुंचे और वहां रुककर टिक्की का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने रवि से बातचीत कर उनके कामकाज और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने छोटे स्तर पर अपना रोजगार खड़ा कर आजीविका अर्जित करने के प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री के सहज अंदाज में लोगों के बीच पहुंचने से आसपास मौजूद नागरिकों और दुकानदारों में भी उत्साह नजर आया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों से संवाद करते हुए कहा कि छोटे कारोबार, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक खान-पान किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें आगे बढ़ाने में सरकार के साथ समाज की भी अहम भूमिका है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने से उसका लाभ सीधे छोटे दुकानदारों, कारीगरों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल किसी अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन और खरीदारी की आदतों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। जब लोग अपने आसपास उपलब्ध स्थानीय वस्तुओं और सेवाओं को महत्व देते हैं, तो इससे स्थानीय बाजार में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में स्थानीय हुनर, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और छोटे उद्यम ग्रामीण एवं कस्बाई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री का आम लोगों के बीच बिना औपचारिकता के पैदल पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने उनके सहज व्यवहार की सराहना की। रवि के स्टॉल पर रुककर स्थानीय उत्पाद का स्वाद लेने का यह अंदाज लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।
मुख्यमंत्री का यह दौरा स्थानीय व्यवसायों के प्रति समर्थन और स्वरोजगार को सम्मान देने के संदेश के तौर पर देखा गया। उनके इस कदम ने छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में स्थानीय भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

