8 june 2026
नई दिल्ली। यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसके पुनर्जीवीकरण के लिए केंद्र सरकार ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यमुना सफाई अभियान की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। गृहमंत्री ने तीनों राज्यों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि यमुना के पुनर्जीवीकरण का लक्ष्य केवल सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा विषय है।
तीनों राज्यों में 128 एसटीपी तैयार
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों का उद्देश्य यमुना में गिरने वाले गंदे पानी को साफ करके नदी के प्रदूषण स्तर को कम करना है।
अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2027 के अंत तक 99 नए एसटीपी और स्थापित किए जाने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यमुना में बिना उपचारित सीवेज के प्रवाह को काफी हद तक रोका जा सकेगा, जिससे नदी की जल गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
हर 20 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
गृहमंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यमुना सफाई से जुड़े सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट हर 20 दिन में केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीन पर उनके परिणाम भी दिखाई देने चाहिए। इसलिए परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समन्वय से मिलेगी सफलता
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि यमुना नदी तीनों राज्यों से होकर गुजरती है, इसलिए किसी एक राज्य के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। नदी की सफाई और संरक्षण के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को साझा रणनीति के तहत कार्य करना होगा। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर समन्वय और आधुनिक सीवेज प्रबंधन व्यवस्था से यमुना के प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि एसटीपी नेटवर्क के विस्तार और सख्त निगरानी व्यवस्था से यमुना को स्वच्छ बनाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले वर्षों में यमुना की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना को लेकर केंद्र सरकार की यह सक्रियता दर्शाती है कि अब केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस परिणाम हासिल करने पर जोर दिया जा रहा है।

