देहरादून ; 27.08.2026।
देहरादून। रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार को देहरादून में त्योहार की खरीदारी का असर सीधे सड़कों पर दिखाई दिया। राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंचे तो निजी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई। बाजारों के आसपास सड़क किनारे खड़े वाहन, ई-रिक्शा और ऑटो की आवाजाही तथा पैदल खरीदारों की बढ़ती संख्या ने कई जगह यातायात की रफ्तार धीमी कर दी।
सुबह के मुकाबले दोपहर बाद बाजारों में भीड़ बढ़ती गई और शाम के समय स्थिति और व्यस्त नजर आई। रक्षाबंधन की आखिरी खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकले। इसका सबसे ज्यादा असर उन सड़कों पर दिखाई दिया, जो प्रमुख बाजारों को शहर के दूसरे हिस्सों से जोड़ती हैं।
खरीदारी करने निकले लोग, सड़कों पर बढ़ गई गाड़ियों की कतार
गुरुवार को शहर में ट्रैफिक बढ़ने की एक बड़ी वजह त्योहार की खरीदारी रही। सामान्य दिनों में बाजार तक सीमित रहने वाली आवाजाही रक्षाबंधन से पहले कई गुना बढ़ गई। कार और दोपहिया से बाजार पहुंचने वाले लोगों के अलावा ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या भी अधिक रही।
समस्या उस समय ज्यादा बढ़ी जब खरीदारी करने पहुंचे लोगों ने वाहनों को सड़क किनारे रोक दिया। कुछ स्थानों पर सड़क का एक हिस्सा पार्किंग में बदल गया, जिससे गुजरने वाले वाहनों के लिए जगह कम पड़ गई। इसके बाद पीछे से आने वाले वाहनों की गति धीमी होती चली गई और यातायात का दबाव बढ़ता गया।
घंटाघर और पलटन बाजार की तरफ बढ़ा दबाव
शहर के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र घंटाघर और पलटन बाजार की ओर दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही। राखी की दुकानों के साथ मिठाई, कपड़े और गिफ्ट की दुकानों पर भी खरीदार पहुंचते रहे।
बाजार में पैदल चलने वालों की संख्या बढ़ने से वाहनों को भी धीमी गति से निकलना पड़ा। जहां सड़क पहले से ही व्यस्त रही, वहां बाजार में आने-जाने वाले वाहनों के कारण यातायात और प्रभावित हुआ।
सहारनपुर रोड से बल्लूपुर तक असर
रक्षाबंधन की खरीदारी का दबाव केवल बाजार तक सीमित नहीं रहा। बाजार की ओर आने-जाने वाले वाहनों का असर संपर्क मार्गों पर भी दिखाई दिया। सहारनपुर रोड, घंटाघर से जुड़े मार्गों और बल्लूपुर की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आवाजाही रही।
दोपहिया वाहन चालक अपेक्षाकृत आसानी से आगे निकलते दिखाई दिए, लेकिन कार चालकों को भीड़ में अधिक समय लगा। सड़क किनारे रुकने वाले वाहनों ने स्थिति को और मुश्किल बनाया।
शाम होते-होते बढ़ी परेशानी
शाम के समय कार्यालय और बाजार से लौटने वाले लोगों की आवाजाही त्योहार की खरीदारी करने वालों के साथ जुड़ गई। इससे कई व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ा। बाजारों के आसपास थोड़ी दूरी तय करने में भी सामान्य से ज्यादा समय लगा।
यही वजह रही कि रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर दून की सड़कों पर त्योहार की रौनक के साथ ट्रैफिक का दबाव भी साफ दिखाई दिया।
बसों और सार्वजनिक परिवहन में भी बढ़ी आवाजाही
रक्षाबंधन को लेकर सार्वजनिक परिवहन पर भी अतिरिक्त दबाव है। उत्तराखंड सरकार ने 28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा घोषित की है। वहीं रोडवेज कर्मचारियों का प्रस्तावित कार्य बहिष्कार भी स्थगित कर दिया गया है, जिससे त्योहार पर बस संचालन जारी रहने की स्थिति बनी है।
इसका मतलब यह है कि शुक्रवार को शहर के बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर निजी वाहनों के साथ सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही भी महत्वपूर्ण रहेगी।
पार्किंग बनी ट्रैफिक की बड़ी वजह
गुरुवार की स्थिति ने एक बार फिर बाजार क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था की समस्या को सामने ला दिया। खरीदारी के लिए आने वाले लोग बाजार के बिल्कुल नजदीक वाहन खड़ा करना चाहते हैं। ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पहले से व्यस्त सड़क पर यातायात के लिए जगह और कम हो जाती है।
त्योहार के दौरान यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब एक ही परिवार के लोग अलग-अलग दुकानों पर खरीदारी करते हुए वाहन को लंबे समय तक सड़क के किनारे खड़ा रखते हैं।
ट्रैफिक पुलिस के लिए बढ़ी जिम्मेदारी
रक्षाबंधन पर शहर में आवाजाही का दबाव बाजारों के साथ-साथ मुख्य सड़कों पर भी रहने वाला है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजार क्षेत्रों में वाहनों को रुकने से रोकना और मुख्य मार्गों पर यातायात को लगातार चलाते रहना होगी।
गुरुवार को दून में तस्वीर साफ रही—राखी खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़ सिर्फ दुकानों तक नहीं रही, उसका असर सड़कों पर भी दिखाई दिया। शाम के वक्त बढ़े वाहनों के दबाव से कई व्यस्त मार्गों पर यातायात की रफ्तार धीमी रही। रक्षाबंधन के दिन बहनों की आवाजाही और मुफ्त रोडवेज यात्रा के चलते अब निगाहें शुक्रवार की ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेंगी।

