देहरादून ; 22.09.2026।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के ऐतिहासिक श्री नंदा देवी महोत्सव के समापन के अवसर पर जिला प्रशासन ने नगर क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। महोत्सव का समापन 23 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस दिन मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और धार्मिक परंपराओं के अनुसार डोला विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित होगा।
समापन समारोह को लेकर नैनीताल नगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। शोभायात्रा के दौरान नगर के विभिन्न मार्गों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ ही यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उनके सुगम आवागमन को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ने नगर क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है।
जारी आदेश के अनुसार 23 सितंबर को नैनीताल नगर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, गैर-सरकारी (निजी) विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक दिन का अवकाश रहेगा। आदेश का उद्देश्य महोत्सव के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव के बीच विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
शोभायात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
श्री नंदा देवी महोत्सव नैनीताल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। महोत्सव के समापन पर मां नंदा और सुनंदा की शोभायात्रा श्रद्धा और परंपरा के साथ निकाली जाएगी। डोला विसर्जन के धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही बाहर से आने वाले भक्त भी शामिल होंगे।
महोत्सव के अंतिम दिन नगर में विशेष धार्मिक माहौल रहने की उम्मीद है। शोभायात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने के कारण यातायात संचालन में भी बदलाव या अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
जिला प्रशासन के निर्णय का मुख्य उद्देश्य महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों को भीड़भाड़ और यातायात संबंधी संभावित असुविधाओं से बचाना है। अवकाश के चलते विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को महोत्सव के दौरान नगर की व्यस्त सड़कों पर आवागमन नहीं करना पड़ेगा।
प्रशासन के इस निर्णय से महोत्सव के दौरान नगर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। 23 सितंबर को अवकाश के बाद शिक्षण संस्थानों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी।
श्री नंदा देवी महोत्सव के समापन के साथ नैनीताल एक बार फिर आस्था, परंपरा और संस्कृति के रंग में नजर आएगा। मां नंदा-सुनंदा के डोला विसर्जन के इस धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।

