25 june 2026
सहारनपुर। उम्र महज 7 साल, लेकिन हौसले आसमान से भी ऊंचे। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की नन्ही खिलाड़ी अनुशी सिरोही ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का तिरंगा गर्व से लहरा दिया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में अनुशी ने अंडर-7 वर्ग की 800 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
एक साल की मेहनत ने दिलाया अंतरराष्ट्रीय सम्मान
कक्षा एक में पढ़ने वाली अनुशी ने लगभग एक वर्ष पहले स्केटिंग की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह केवल एक शौक था, लेकिन जल्द ही उसकी प्रतिभा सबके सामने आने लगी। जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद उसने राज्य स्तरीय मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना दबदबा कायम रखते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई।
नेपाल में आयोजित प्रतियोगिता में अनुशी ने बेहतरीन गति और संतुलन का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। जैसे ही उसने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहां मौजूद भारतीय समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
गांव पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत
गोल्ड मेडल जीतकर जब अनुशी अपने गांव नागल लौटी तो उसका जोरदार स्वागत किया गया। गांव के लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं से उसका अभिनंदन किया। हर कोई इस छोटी सी खिलाड़ी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा था। लोगों ने अनुशी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल करियर की कामना की।
माता-पिता का मिला पूरा सहयोग
अनुशी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उसकी मां शिखा सिरोही बताती हैं कि बेटी बचपन से ही काफी सक्रिय और प्रतिभाशाली रही है। उन्होंने हमेशा उसकी रुचि को प्रोत्साहित किया और हर प्रतियोगिता में उसका हौसला बढ़ाया।
वहीं पिता अनुज सिरोही का कहना है कि उन्होंने बेटी को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से स्केटिंग शुरू कराई थी। उन्हें उम्मीद थी कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
कोचों की मेहनत भी लाई रंग
परिवार ने इस उपलब्धि का श्रेय अनुशी के कोच रवि शरण और राहुल को भी दिया है। दोनों प्रशिक्षकों ने अनुशी की तकनीक, फिटनेस और आत्मविश्वास को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत की। इसी का परिणाम है कि आज वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है।
अब एशियाई स्तर पर गोल्ड जीतने का सपना
स्वर्ण पदक जीतने के बाद अनुशी के हौसले और बुलंद हो गए हैं। उसका अगला लक्ष्य एशियाई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश के लिए एक और गोल्ड मेडल जीतना है। इतनी कम उम्र में उसका आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय स्केटिंग की बड़ी पहचान बन सकती है।
नन्हे कदम, बड़ा सपना
अनुशी सिरोही की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और दृढ़ संकल्प किसी भी बच्चे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। आज सहारनपुर की यह बेटी देशभर के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है और उसके सुनहरे भविष्य की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।

