देहरादून ; 28.08.2026,
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राहत और बचाव के इस मुश्किल दौर में मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर आए एक महिला के शव के साथ कथित तौर पर गहनों की चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद नेपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ के दौरान महिला का शव नदी के बहाव के साथ बहकर नारायणी नदी क्षेत्र में पहुंचा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने शव को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी क्रम में दो व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने महिला के कानों से सोने की बालियां निकाल लीं।
वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप
मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब घटना से जुड़ा करीब 41 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। वीडियो में कुछ लोग शव को नदी के पानी से बाहर खींचते दिखाई देते हैं। इसके बाद दो व्यक्ति कथित तौर पर महिला के कानों से बालियां निकालते नजर आते हैं। आसपास मौजूद कुछ लोग इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड करते दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चितवन पुलिस की जांच में कथित तौर पर शव की पहचान बाढ़ में बहकर आई महिला के रूप में हुई।
पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान 25 वर्षीय मदन गुरूंग और 38 वर्षीय उमेश चौधरी की पहचान मामले में संदिग्ध आरोपियों के रूप में की गई। दोनों को भरतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
नेपाल पुलिस ने साफ किया है कि प्राकृतिक आपदा के बीच किसी मृतक या पीड़ित के साथ लूट अथवा अमानवीय व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य न केवल आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना है, बल्कि आपदा के समय लोगों की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखना भी है।
पहले से ही बड़ी त्रासदी से जूझ रहा नेपाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल और चीन के तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है, जबकि राहत एवं बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। खराब मौसम, मलबे और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।
नारायणी नदी में बाढ़ की भयावहता का असर नेपाल से आगे भारत के सीमावर्ती इलाकों तक भी दिखाई दे रहा है। नदी के रास्ते शवों के बहकर उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों तक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है।
ऐसे वक्त में जब हजारों लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं और बचावकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं, मृतक के गहने निकालने की कथित घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

