देहरादून ; 1 अक्टूबर 2026,
उत्तरकाशी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के अचानक करवट लेने और भारी बर्फबारी के बाद गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी से पैदा हुई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय सुरक्षा के लिहाज से लिया है। फिलहाल मौसम और पर्वतीय रास्तों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही इन गतिविधियों को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में हर वर्ष बड़ी संख्या में ट्रेकर और पर्वतारोही उच्च हिमालयी क्षेत्रों का रुख करते हैं। कई अभियान बेहद ऊंचाई वाले और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरते हैं। ऐसे क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहने के बावजूद परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। हाल में हुई भारी बर्फबारी ने एक बार फिर इन इलाकों में अभियान संचालित करने की चुनौती को सामने ला दिया है।
शनिवार रात अचानक बिगड़ा मौसम
बीते शनिवार रात उच्च हिमालय में मौसम ने अचानक करवट ली। इसके बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फबारी के कारण हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन और ट्रेकिंग के लिए गए कई दल मुश्किल में फंस गए। बताया गया कि करीब 136 पर्वतारोही और ट्रेकर खराब मौसम और बर्फबारी के बीच प्रभावित क्षेत्र में फंस गए थे।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दीं। मामला केवल एक स्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि ऊंचाई वाले और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में फंसे लोगों तक पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में विभिन्न सुरक्षा और राहत एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
सेना के हेलीपैड से चलाया गया रेस्क्यू अभियान
फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकरों को सुरक्षित निकालने के लिए हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया गया। अभियान में जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें शामिल रहीं।
दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू अभियान को चुनौतीपूर्ण माना गया। राहत टीमों ने समन्वय के साथ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया। इस घटना के बाद प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चलने वाली साहसिक गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
बर्फबारी से बढ़ा जोखिम
उच्च हिमालय में मौसम बदलने के साथ ही तापमान में तेजी से गिरावट और रास्तों पर बर्फ जमने से आवाजाही मुश्किल हो जाती है। कई स्थानों पर ट्रैक बर्फ से ढक जाते हैं, जिससे सामान्य रास्तों की पहचान करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग दलों के लिए आगे बढ़ना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
पार्क प्रशासन ने इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि उच्च हिमालय में मौसम की स्थिति सामान्य होने और रास्तों के सुरक्षित होने के बाद ही आगे की गतिविधियों को लेकर फैसला किया जाएगा।
प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
136 लोगों के फंसने की घटना के बाद प्रशासन का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी ट्रेकिंग या पर्वतारोहण दल को जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके लिए मौसम की स्थिति और उच्च हिमालयी क्षेत्रों की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऊंचाई वाले इलाकों में किसी अभियान को अनुमति देने से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। फिलहाल अस्थायी रोक का उद्देश्य साहसिक गतिविधियों को स्थायी रूप से बंद करना नहीं, बल्कि मौसम के सामान्य होने तक संभावित जोखिम को कम करना है।
मौसम सुधरने के बाद लिया जाएगा अगला फैसला
गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन अब मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बर्फबारी और मौसम में सुधार के बाद ट्रैक की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को फिर से अनुमति देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
हालिया घटनाक्रम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उच्च हिमालय में साहसिक अभियानों के दौरान मौसम की जानकारी और प्रशासनिक निर्देशों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ घंटों में बदलने वाला मौसम अभियान की पूरी परिस्थितियों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में फिलहाल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर रोक लगाकर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

