देहरादून ; 01 नवम्बर 2026,
देहरादून। उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 का भव्य समापन हो गया। मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा में आयोजित समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के विजेता जनपद देहरादून को ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। समारोह में खिलाड़ियों के उत्साह, प्रतिभा और खेल भावना ने आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने meroyuva.in पोर्टल का भी विमोचन किया। इसके साथ ही मलखम्ब और आर्टिस्टिक योग के शानदार प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, संतुलन, अनुशासन और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों के साथ ही सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान अब केवल देवभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश खेलों के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। खेल युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य, संघर्ष करने की क्षमता और सामूहिक भावना का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल महाकुम्भ का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर देना है।
उन्होंने बताया कि एक सितम्बर को चम्पावत जिले के टनकपुर से शुरू हुई खेल महाकुम्भ की यात्रा न्याय पंचायत स्तर से आगे बढ़ते हुए विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और फिर राज्य स्तर तक पहुंची। इस पूरी प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं के विभिन्न चरणों ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ उन्हें अपनी क्षमता साबित करने का अवसर भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के उन खिलाड़ियों को मंच देना था, जिन्हें संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पिछले वर्ष इस आयोजन में करीब 2 लाख 20 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 3 लाख 35 हजार से अधिक हो गई है। खिलाड़ियों की संख्या में हुई यह उल्लेखनीय वृद्धि बताती है कि प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है और खेल महाकुम्भ अब व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बन चुका है।
इस वर्ष मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के तहत कुल 32 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनका आयोजन प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर किया गया। प्रतियोगिताओं को सफल बनाने में सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करने और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार जताया।
खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन देने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी को आर्थिक कठिनाई या सुविधाओं के अभाव में अपनी मंजिल से पीछे न हटना पड़े। इसी सोच के तहत न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने में आर्थिक सहयोग मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सीधी भर्ती के पदों में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों ने देशभर में खेल और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। उत्तराखण्ड सरकार भी इसी दिशा में खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक संसाधन और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर विकसित कर रही है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ाया है। उन्हें उम्मीद है कि खेल महाकुम्भ के माध्यम से सामने आ रही नई प्रतिभाएं आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाएंगी।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रतिभाशाली युवाओं को उचित मंच मिले और वे अपनी मेहनत के दम पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।
समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ को सफल बनाने में योगदान देने वाले युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रान्तीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके परिवारों, प्रशिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा और युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल की निदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
खेल महाकुम्भ-2026 का समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं, बल्कि प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। बढ़ती भागीदारी, पुरस्कार राशि, आरक्षण की व्यवस्था और खेल सुविधाओं को लेकर सरकार की पहल से उत्तराखण्ड में खेलों के लिए बेहतर माहौल तैयार होने की उम्मीद है।

