13 july 2026 ; Dehradun!
उत्तराखंड में रोडवेज यात्रियों के लिए जल्द ही टिकट बुकिंग का एक नया और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होने जा रहा है। परिवहन निगम ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से ऐसी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया है, जिसके तहत यात्री व्हाट्सएप के जरिए ही बस टिकट बुक कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल, तेज और डिजिटल बनाना है।
फिलहाल रोडवेज बसों में यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग और बस में कंडक्टर से टिकट लेने की सुविधा उपलब्ध है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री निगम द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजकर अपनी यात्रा की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें किराए के भुगतान के लिए क्यूआर कोड मिलेगा। क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान पूरा करते ही यात्री के व्हाट्सएप पर क्यूआर आधारित ई-टिकट भेज दिया जाएगा।
यात्रा के दौरान बस में मौजूद कंडक्टर अपने हैंडहेल्ड डिवाइस से इस क्यूआर या बारकोड को स्कैन करेगा। स्कैन करते ही टिकट से जुड़ी सभी जानकारी उसके सिस्टम पर दिखाई दे जाएगी, जिससे टिकट की जांच तेज और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। इससे कागजी टिकट की आवश्यकता भी कम होगी और यात्रियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
परिवहन निगम के अनुसार, यह सुविधा शुरुआती चरण में केवल उन्हीं बसों में उपलब्ध होगी, जिनमें पहले से ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था मौजूद है। इसके लिए एनआईसी के साथ तकनीकी स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही सर्वर से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से प्रतिदिन करीब 90 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में व्हाट्सएप आधारित टिकट बुकिंग सुविधा लागू होने के बाद बड़ी संख्या में यात्रियों को घर बैठे कुछ ही मिनटों में टिकट मिलने की सुविधा मिलेगी। माना जा रहा है कि यह कदम सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक आधुनिक, डिजिटल और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

