15 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। करीब तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) को नया स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। राज्य सरकार ने भारतीय सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही डॉ. हेमचंद्र पांडे को आयोग का नया सदस्य बनाया गया है। इस नियुक्ति के आदेश जारी होने के साथ ही आयोग में लंबे समय से चली आ रही नेतृत्व की कमी दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जून 2023 में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के इस्तीफे के बाद आयोग का संचालन कार्यवाहक व्यवस्था के सहारे चल रहा था। इस दौरान आयोग में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और भर्ती संबंधी फैसलों पर असर पड़ा। अब स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति से विभिन्न सरकारी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना है।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेंद्र जोशी मूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के लटोली गांव के निवासी हैं। भारतीय सेना में उन्होंने 38 वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं दीं और कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे सेना की प्रतिष्ठित स्ट्राइक-1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) तथा महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट भी रहे। 30 अप्रैल 2026 को वे सेना से सेवानिवृत्त हुए।
अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन, जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक और पूर्वोत्तर भारत में कई आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। उत्कृष्ट नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) तथा सेना मेडल (एसएम) सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
राज्य सरकार ने आयोग में सदस्य के रूप में डॉ. हेमचंद्र पांडे की भी नियुक्ति की है। माना जा रहा है कि नए अध्यक्ष और सदस्य की तैनाती से आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाली प्रमुख संवैधानिक संस्था है। ऐसे में आयोग में स्थायी नेतृत्व की वापसी को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब अभ्यर्थियों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई टीम भर्ती कैलेंडर को कितना व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाती है।

