7 july 2026,
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले 48 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताज़ा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, चमोली और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी कमजोर पड़ रही है। ऐसे में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। चारधाम यात्रा मार्गों सहित कई संवेदनशील सड़कों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।
देहरादून में बारिश के बीच उमस भी करेगी परेशान
राजधानी देहरादून में दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश होने के आसार हैं। हालांकि कुछ समय के लिए धूप निकलने से उमस महसूस हो सकती है। शहर का न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शाम के समय बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील
राज्य आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय यात्रा न करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अगले दो दिन रहेंगे अहम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 9 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर बना रहेगा। यदि लगातार भारी बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

