1 june 2026
ऋषिकेश। योग और अध्यात्म की नगरी ऋषिकेश अब शहरी विकास और नगर प्रशासन से जुड़े बड़े विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। आगामी दिनों में यहां ऑल इंडिया मेयर काउंसिल की दो दिवसीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से करीब 60 मेयरों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार, अब तक 46 मेयरों की उपस्थिति की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य शहरों के महापौरों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। सम्मेलन में महानगरों से लेकर उभरते नगर निकायों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और अपने-अपने शहरों में लागू विकास मॉडल, चुनौतियों और नवाचारों को साझा करेंगे।
शहरी विकास के मुद्दों पर होगा मंथन
बैठक के दौरान स्वच्छता प्रबंधन, ठोस कचरा निस्तारण, जल संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन, स्मार्ट सिटी योजनाएं, डिजिटल प्रशासन और नगर निकायों की वित्तीय मजबूती जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मेयर अपने-अपने शहरों के सफल प्रयोगों और चुनौतियों को साझा करेंगे, ताकि दूसरे शहर भी उन मॉडलों को अपनाकर स्थानीय समस्याओं का समाधान निकाल सकें। सम्मेलन का उद्देश्य नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
ऋषिकेश को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का अवसर
देशभर के मेयरों की मौजूदगी से ऋषिकेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन के दौरान अतिथि प्रतिनिधियों को शहर की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन विशेषताओं से भी अवगत कराया जा सकता है। गंगा तट, योग परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के कारण ऋषिकेश पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान रखता है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की नजर
सम्मेलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आवास संबंधी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन स्थल पर स्वागत, पंजीकरण और बैठक व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम भी तेज गति से चल रहा है।
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि देश के शहरों के भविष्य को लेकर साझा रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। वहीं स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि इस आयोजन से ऋषिकेश के विकास और शहरी सुविधाओं को लेकर नए सुझाव और संभावनाएं सामने आएंगी।

