7 july 2026 : Dehradun!
बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की गणना के दौरान सामने आए कथित अनियमितता के मामले की जांच अब और व्यापक हो गई है। जांच एजेंसियां केवल दो जुलाई की घटना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पिछले 40 दिनों की सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह मामला एक दिन की घटना थी या पहले भी किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई थी।
जांच के लिए मंदिर परिसर में उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण फुटेज को सुरक्षित रखा गया है। अधिकारी हर रिकॉर्डिंग का क्रमवार परीक्षण कर रहे हैं ताकि चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया को समझा जा सके। यदि किसी अन्य दिन भी किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में यह भी देखा जा रहा है कि कथित घटना किसी एक व्यक्ति तक सीमित थी या इसमें किसी अन्य की भी भूमिका रही। जांच टीम सभी संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और उस समय की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष गठित दान गणना टीम में संबंधित अधिकारी को पहली बार यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें दान-चढ़ावे की गणना के साथ-साथ प्रोटोकॉल से जुड़े कार्य भी दिए गए थे। इसी कारण जांच में उनकी भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच के दौरान एक अन्य पहलू भी सामने आया है। दान गणना टीम के दो वरिष्ठ अधिकारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे, लेकिन उनकी जगह तुरंत नई नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में उस अवधि में कार्यों का संचालन किस प्रकार हुआ, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बदरीनाथ धाम में दान की गणना एक तय प्रक्रिया के तहत की जाती है। सबसे पहले सोना और चांदी को अलग किया जाता है, फिर नकदी की गिनती होती है। जरूरत पड़ने पर आभूषणों की जांच विशेषज्ञ से कराई जाती है। नकदी बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में जमा कराई जाती है और प्रत्येक वस्तु का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर सुरक्षित रखा जाता है। इसी प्रक्रिया की जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नियमों का सही तरीके से पालन हुआ या नहीं।
जांच में सीसीटीवी फुटेज को सबसे अहम साक्ष्य माना जा रहा है। मंदिर परिसर में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर घटनाक्रम को क्रमवार समझने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
फिलहाल जांच जारी है और संबंधित विभागों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं तो नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

