4 july 2026 ! Dehradun
उत्तराखंड पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे दिए जाने की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। पुलिस जवानों के परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर 13 जुलाई को देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय के मुख्य द्वार पर ‘अधिकार सत्याग्रह’ आयोजित करने की घोषणा की है। आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान वर्षों से लंबित इस मांग की ओर आकर्षित करना और पुलिस कर्मियों के हितों से जुड़े मामलों पर ठोस निर्णय की मांग करना है।
आंदोलन के आयोजकों के अनुसार सत्याग्रह 13 जुलाई को सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। इसमें बड़ी संख्या में पुलिस परिवारों, पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से जुड़ने की अपील की गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल वेतनमान का मामला नहीं, बल्कि पुलिस कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है।
आयोजकों का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस के जवान वर्षभर बिना तय कार्य समय के कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी सुरक्षा, आपदा राहत, धार्मिक आयोजनों, चुनाव ड्यूटी और अपराध नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर लंबे समय से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
4600 ग्रेड पे का मुद्दा उत्तराखंड में नया नहीं है। पिछले कई वर्षों में इस मांग को लेकर कई बार ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और शांतिपूर्ण आंदोलन किए जा चुके हैं। समय-समय पर सरकार की ओर से आश्वासन भी मिले, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आ पाया। इसी कारण पुलिस परिवारों और समर्थक संगठनों में फिर से असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को राज्यभर में व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है ताकि वर्षों से लंबित इस मांग का स्थायी समाधान निकल सके।
अब 13 जुलाई को होने वाला ‘अधिकार सत्याग्रह’ इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

