8 august ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने शहरी विकास विभाग में राजस्व एवं कर निरीक्षक के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 अगस्त 2026 कर दी है। इससे उन उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर मिल गया है, जो खराब मौसम और नेटवर्क संबंधी दिक्कतों के कारण निर्धारित समय तक आवेदन पूरा नहीं कर सके थे।
आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडेय के अनुसार, भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पहले चार अगस्त निर्धारित की गई थी। इस दौरान प्रदेश के पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हुआ। नेटवर्क बाधित रहने के कारण कई अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।
अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए आयोग ने आवेदन प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 8 अगस्त से 18 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन की विंडो दोबारा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में पात्र अभ्यर्थी अपना आवेदन जमा करने के साथ निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
आयोग ने आवेदन से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने के लिए भी अलग से समय निर्धारित किया है। अभ्यर्थियों को 25 अगस्त से आवेदन में संशोधन यानी करेक्शन करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में आवेदन करते समय दर्ज की गई जानकारी को उम्मीदवारों को सावधानीपूर्वक जांचने की सलाह दी गई है।
लोअर पीसीएस के 65 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 31 अगस्त से
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने लोअर पीसीएस मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। आयोग की ओर से 328 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 27 जुलाई से शुरू किए जा चुके हैं। अब शेष बचे 65 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच आयोजित किए जाएंगे।
वहीं, दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया में भी आयोग ने कुछ अभ्यर्थियों के संबंध में निर्णय लिया है। सही दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने वाले तीन अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित करने की सूची में शामिल किया गया है। हालांकि इन अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए 16 अगस्त तक प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।
इसके अलावा ऐसे 10 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है, जिन्हें पहले ही अनर्ह घोषित किया जा चुका था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय के भीतर अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया। आयोग की ओर से इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

