14 august 2026 ; Dehradun।
पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित उत्तराखण्ड” के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कांवड़ यात्रा के सफल समापन के बाद पौड़ी गढ़वाल जिले के नीलकंठ क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की आवाजाही के बाद क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर विशेष अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान नीलकंठ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसर के आसपास, श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थानों तथा अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों से कूड़ा-कचरा एकत्र कर उसका निस्तारण किया गया। स्वच्छता कर्मियों के साथ संबंधित विभागों और स्थानीय लोगों ने भी अभियान में सहभागिता करते हुए क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाने में योगदान दिया।
कांवड़ यात्रा के दौरान नीलकंठ महादेव क्षेत्र में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। यात्रा समाप्त होने के बाद साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान दिया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नीलकंठ क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी शामिल है।
प्रशासन की ओर से अभियान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने को लेकर लोगों को जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्वच्छता अभियान के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बड़े धार्मिक आयोजनों के बाद भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री के स्वच्छ उत्तराखण्ड के विजन के अनुरूप ऐसे अभियानों को आगे भी निरंतर जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
नीलकंठ क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए और देवभूमि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक एवं धार्मिक पहचान को और मजबूत किया जा सके।

