16 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। राजधानी देहरादून में भगवान श्री जगन्नाथ की 29वीं गुंडिचा यात्रा का आयोजन 16 जुलाई को श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा। यात्रा को लेकर श्री राम मंदिर समिति, दीपलोक कॉलोनी तथा श्री जगन्नाथ यात्रा आयोजन समिति ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इसमें शामिल होने की अपील की।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ धाम पुरी की पारंपरिक रथयात्रा की भावना और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप आयोजित की जाती है। देहरादून में पिछले 29 वर्षों से यह आयोजन निरंतर किया जा रहा है और समय के साथ इसमें श्रद्धालुओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
यात्रा में भगवान श्री जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की सुसज्जित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोष के साथ भगवान के रथ के पीछे चलेंगे। यात्रा मार्ग को धार्मिक वातावरण से सजाया जाएगा, वहीं विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण, भजन संध्या और सेवा कार्यों का आयोजन भी किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन समिति ने कहा कि गुंडिचा यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है। समिति ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से परिवार सहित यात्रा में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े डॉ. सुभाष चंद्र शतपति ने गुंडिचा यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भगवान श्री जगन्नाथ की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इस यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों को विशेष आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भगवान की कृपा उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करती है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में भक्त इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

