3 july 2026,
शुक्रवार को घरेलू और वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। कई सप्ताह की सुस्ती के बाद कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींच लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,177.31 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो हाल के दिनों का प्रमुख उच्च स्तर माना जा रहा है। वहीं चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
कई सप्ताह बाद लौटी मजबूती
पिछले कुछ समय से सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही थीं, लेकिन इस सप्ताह बाजार का रुख बदलता दिखाई दिया। पूरे सप्ताह के दौरान सोने में करीब 2.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है।
किन वजहों से बढ़े सोने के दाम?
1. ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें
अमेरिका से आए अपेक्षा से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों को लेकर सख्त कदम नहीं उठाएगा। जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होती है, तब सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक बन जाते हैं। इसी कारण बाजार में सोने की खरीदारी बढ़ी।
2. डॉलर की कमजोरी बनी सहारा
इस सप्ताह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ती है। बढ़ती मांग का सीधा असर कीमतों पर देखने को मिला।
3. केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। इससे बाजार में सोने की मांग बनी हुई है और कीमतों को मजबूती मिल रही है। लंबे समय के निवेशकों के लिए भी यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
चांदी में भी दिखी मजबूती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। औद्योगिक मांग में सुधार और निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण चांदी को भी अच्छा समर्थन मिल रहा है। यदि वैश्विक आर्थिक गतिविधियां बेहतर रहती हैं, तो आने वाले समय में चांदी की कीमतों में भी सकारात्मक रुख बना रह सकता है।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
बाजार जानकारों का कहना है कि यदि अमेरिकी डॉलर कमजोर बना रहता है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर नरम रुख अपनाता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, महंगाई के संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे।
निष्कर्ष:
3 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी यह संकेत देती है कि वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग फिर बढ़ रही है। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेश से पहले बाजार की चाल और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

