14 may 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब सड़कों पर एक नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। पेट्रोल वाहनों की जगह धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। खास बात यह है कि अब इस बदलाव में सरकार के मंत्री भी खुलकर हिस्सा लेते नजर आ रहे हैं। राज्य के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर को बढ़ावा देने के बाद शहर में ई-वाहनों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
युवाओं से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक बढ़ा रुझान
देहरादून के राजपुर रोड, घंटाघर, आईएसबीटी और सहस्रधारा रोड जैसे इलाकों में अब बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक स्कूटर चलते दिखाई दे रहे हैं। कॉलेज जाने वाले छात्र, ऑफिस कर्मचारी और महिलाएं तेजी से ई-स्कूटर खरीद रहे हैं। वजह साफ है — कम खर्च, आसान मेंटेनेंस और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से राहत। स्थानीय वाहन विक्रेताओं के मुताबिक पिछले एक साल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई कंपनियों ने भी देहरादून में अपने नए शोरूम और सर्विस सेंटर खोलने शुरू कर दिए हैं।
मंत्री प्रदीप बत्रा का संदेश बना चर्चा का विषय
हाल ही में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इलेक्ट्रिक स्कूटर से सफर कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश दिया। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन ही भविष्य की जरूरत बनेंगे। उन्होंने यह भी माना कि पहाड़ी राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण और ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए ई-वाहन अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई युवाओं ने इसे “नई सोच की शुरुआत” बताया।
चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से आसान हुआ सफर
देहरादून में अब मॉल, पेट्रोल पंप और प्रमुख बाजारों के आसपास ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इससे लोगों का भरोसा और बढ़ा है। पहले जहां चार्जिंग की सुविधा को लेकर चिंता रहती थी, अब शहर में धीरे-धीरे बेहतर नेटवर्क तैयार हो रहा है। सरकार भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में और अधिक चार्जिंग पॉइंट शुरू किए जाएंगे।
पर्यावरण को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर देहरादून जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा तो वायु प्रदूषण में काफी कमी आ सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक और धुएं की समस्या से राहत पाने के लिए ई-स्कूटर एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
बदलती तस्वीर का संकेत
देहरादून अब केवल पर्यटन और शिक्षा का शहर नहीं, बल्कि उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का नया केंद्र भी बनता जा रहा है। जिस तरह आम लोग और जनप्रतिनिधि दोनों इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में शहर की पहचान “ग्रीन ट्रांसपोर्ट” मॉडल के रूप में भी हो सकती है।

