देहरादून ; 19.10.2026,
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ₹20.55 करोड़ की पांच विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इन योजनाओं में ₹20.21 करोड़ की तीन योजनाओं का शिलान्यास और ₹34 लाख की दो योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद उन्होंने स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विकास और विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में सुविधाओं का विस्तार होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा अपनी योग्यता, मेहनत और सेवाभाव के माध्यम से प्रदेश का नाम आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को इस प्रकार तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में कुशल चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य पेशेवर बनकर समाज को अपनी सेवाएं दे सकें।
विश्वविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस योजना के आगे बढ़ने से चिकित्सा शिक्षा के साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एम्स, मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उत्तराखण्ड में भी चिकित्सा शिक्षा और उपचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है।
प्रदेश में मेडिकल और नर्सिंग संस्थानों का हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखण्ड में फिलहाल पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में ₹351 करोड़ की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसके शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भर्ती और प्रशिक्षण पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्तियों के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो और विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण की पहल का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान में और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला। मुख्यमंत्री ने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेकर जर्मनी में नौकरी प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की सपना राणा का उदाहरण देते हुए कहा कि भाषा और कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रास्ते खोल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा एम्स, पीजीआई, रेलवे तथा मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाने को भी महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस मौके पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. संजय गौड़, डॉ. गीता जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य फोकस: विश्वविद्यालय परिसर में विकास कार्य, प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा का विस्तार और युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के अवसर।

