14 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बारिश के दौरान खतरा बन रही चट्टानों को हटाने का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके चलते देहरादून की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अस्थायी रूट डायवर्जन लागू किया गया है और एलिवेटेड रोड के एक हिस्से को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, करीब 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लगभग 12 किलोमीटर हिस्सा बिंदल नदी और शिवालिक वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस इलाके में बरसात के मौसम में पहाड़ियों से बड़ी-बड़ी चट्टानें टूटकर सड़क पर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में किसी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने संवेदनशील स्थानों पर चट्टानों को हटाने और ढलानों को सुरक्षित बनाने का कार्य तेज कर दिया है।
सुरक्षा कार्य के दौरान देहरादून से आने वाले वाहनों को मोहंड के पुराने मार्ग से होकर निकाला जा रहा है। वहीं, यातायात का दबाव कम करने के लिए बीच-बीच में एलिवेटेड मार्ग के सुरक्षित हिस्सों को आवश्यकता के अनुसार खोला जा रहा है, ताकि लोगों को अत्यधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए पहले से सुरक्षा उपाय करना जरूरी है। कार्य पूरा होने के बाद एलिवेटेड मार्ग को दोबारा सामान्य यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, यात्रा से पहले यातायात की जानकारी प्राप्त करें और बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर सावधानी के साथ वाहन चलाएं। सुरक्षा कार्य पूरा होने तक कुछ स्थानों पर यातायात की गति प्रभावित हो सकती है।

