3 july 2026,
ऋषिकेश। कांवड़ मेले से पहले ऋषिकेश के बजरंग सेतु पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने पुल के ग्लास वॉकवे की सुरक्षा के लिए अब 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए हैं। पहले जहां केवल सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही थी, वहीं अब मौके पर लगातार सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई है, ताकि कांच वाले हिस्से को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
बजरंग सेतु का निर्माण लक्ष्मण झूला पुल बंद होने के बाद वैकल्पिक आवागमन के लिए किया गया था। लगभग 132 मीटर लंबे इस आधुनिक पुल के दोनों किनारों पर पारदर्शी कांच के फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां से नीचे बहती गंगा का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। हालांकि, आकर्षण का केंद्र बनने के साथ ही कुछ लोगों द्वारा कांच को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
लोनिवि ने पुल के सामान्य पैदल मार्ग और ग्लास वॉकवे के बीच पहले से लगी रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाने का काम भी शुरू कर दिया है। कई पर्यटक रेलिंग पार कर प्रतिबंधित हिस्से में पहुंच जाते थे, जिससे सुरक्षा और संरचना दोनों पर खतरा बढ़ रहा था। विभाग का लक्ष्य कांवड़ मेले से पहले यह कार्य पूरा करना है।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुल का मध्य भाग श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा, लेकिन ग्लास वॉकवे पर आम लोगों और कांवड़ यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यदि रेलिंग का काम समय पर पूरा नहीं हो पाया तो अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा, ताकि व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
प्रशासन का मानना है कि बजरंग सेतु के उपयोग से मुनिकीरेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में कांवड़ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन आसान होगा। अभी तक श्रद्धालुओं का अधिक दबाव जानकी सेतु और रामझूला पर रहता था, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती थी। नए पुल के संचालन से इस दबाव को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है।
विभाग ग्लास वॉकवे पर प्रवेश के लिए भविष्य में टिकट व्यवस्था लागू करने पर भी विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना और कांच वाले हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
गौरतलब है कि हाल ही में पुल की भार क्षमता का परीक्षण भी किया गया था। परीक्षण के दौरान भारी वाहनों और निर्माण सामग्री के जरिए पुल की मजबूती परखी गई, जिसमें यह पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। हालांकि, पुल का औपचारिक उद्घाटन अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय लोग और पर्यटक फिलहाल इसका उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही बजरंग सेतु का विधिवत लोकार्पण भी कर दिया जाएगा।

