18.08.2026 ; देहरादून।
देहरादून। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बदलता मौसम और नदियों का बढ़ता जलस्तर एक बार फिर चुनौती बन गया। सोमवार को देहरादून के थानो क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे यूपीईएस विश्वविद्यालय के छह छात्र अचानक तेज बारिश के कारण स्वारना नदी के बढ़े जलस्तर के बीच फंस गए। हालात बिगड़ने पर छात्रों के सामने सुरक्षित वापस लौटने का रास्ता मुश्किल हो गया। सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कई किलोमीटर पैदल चलकर सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, यूपीईएस विश्वविद्यालय के छह छात्र देहरादून के मिसरास पट्टी स्थित थानो गांव क्षेत्र में स्वारना नदी के आसपास ट्रेकिंग के लिए गए थे। मौसम सामान्य होने के कारण छात्रों ने ट्रेकिंग शुरू की थी, लेकिन वापस लौटते समय अचानक मौसम ने करवट ले ली। क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते नदी का बहाव काफी तेज हो गया और आसपास के रास्तों पर भी पानी का असर दिखाई देने लगा।
अचानक बढ़े जलस्तर के कारण छात्र नदी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने के बजाय जंगल में ही फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू के लिए SDRF को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही SDRF की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुई। जिस क्षेत्र में छात्र फंसे थे, वहां पहुंचना भी टीम के लिए आसान नहीं था। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और बारिश के कारण टीम को करीब छह किलोमीटर तक पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ी।
SDRF जवानों ने घटनास्थल तक पहुंचने के बाद पहले छात्रों की स्थिति और नदी के बहाव का जायजा लिया। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण सीधे नदी पार कराना जोखिम भरा था। ऐसे में टीम ने उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रेस्क्यू की रणनीति तैयार की। इसके बाद जवानों ने नदी के ऊपर पाइप के सहारे सुरक्षित मार्ग तैयार किया और सावधानीपूर्वक सभी छह छात्रों को एक-एक करके नदी के दूसरी ओर सुरक्षित पहुंचाया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान नदी का तेज बहाव और दुर्गम रास्ते जवानों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे। इसके बावजूद SDRF की टीम ने संयम और सतर्कता के साथ अभियान को पूरा किया। सभी छह छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद रेस्क्यू किए गए छात्रों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने घटना के बाद लोगों से मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। कई बार दूर के इलाकों में हुई बारिश का असर भी नदी के बहाव पर पड़ता है और कुछ ही समय में परिस्थितियां बदल जाती हैं।
उन्होंने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और खास तौर पर ट्रेकिंग पर जाने वाले युवाओं से अपील की कि बारिश के मौसम में नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। ट्रेकिंग पर निकलने से पहले मौसम विभाग का पूर्वानुमान जरूर देखें और यदि मौसम खराब होने की संभावना हो तो यात्रा या ट्रेकिंग को स्थगित कर दें। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी चेतावनियों को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है।
इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते SDRF को सूचना मिल गई और टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मौके पर पहुंचकर सभी छह छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया। मानसून में स्वारना नदी जैसे जलस्रोतों के आसपास अचानक बढ़ने वाला जलस्तर पर्यटकों और ट्रेकिंग करने वालों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही किसी भी नदी या ट्रेकिंग क्षेत्र में जाने का फैसला करना जरूरी है।

