15 july 2026 ; Dehradun!
भगवान भोलेनाथ की आराधना का सबसे पावन और प्रतीक्षित महीना सावन वर्ष 2026 में 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस पूरे माह में शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा और हर ओर “हर-हर महादेव” तथा “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजेंगे। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से की गई उपासना शीघ्र फलदायी होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सावन के दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, आक के फूल और शमी पत्र अर्पित कर भगवान शिव का पूजन किया जाएगा। शिव मंदिरों में महामृत्युंजय मंत्र, रुद्राष्टाध्यायी, शिव चालीसा और शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ वातावरण को भक्तिमय बना देगा। अनेक श्रद्धालु पूरे महीने सात्विक जीवन अपनाकर व्रत, जप और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करेंगे।
इस बार सावन में चार सोमवारी व्रत पड़ेंगे, जिन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है, परिवार में खुशहाली बनी रहती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। अविवाहित युवक-युवतियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
सावन माह में नाग पंचमी, हरियाली तीज और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाएंगे। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का विशेष अभिषेक होगा। हरियाली तीज पर महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना कर अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करेंगी, जबकि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व के रूप में सावन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाएगा।
इस दौरान देशभर के प्रमुख शिवधामों, ज्योतिर्लिंगों और प्राचीन शिव मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन, रात्रि जागरण, रुद्राभिषेक और विशाल भंडारों का आयोजन होगा। कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। मंदिरों की घंटियों, शंखनाद और वैदिक मंत्रों से पूरा वातावरण शिवमय हो उठेगा।
आस्था और विश्वास का यह पवित्र महीना केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाला सावन 2026 शिवभक्तों के लिए भक्ति, श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक अनुभवों से भरपूर रहने वाला है।

