20 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। कांवड़ मेले के दौरान दिल्ली और उत्तराखंड के बीच बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को देखते हुए परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब देहरादून से दिल्ली जाने वाली सभी रोडवेज बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए संचालित करने की तैयारी है। इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों को जाम से राहत देना और यात्रा को अधिक तेज व सुगम बनाना है।
अब तक केवल वॉल्वो और एसी बसों का संचालन एक्सप्रेसवे से किया जा रहा था, जबकि साधारण बसें पुराने मार्ग से दिल्ली भेजी जा रही थीं। लेकिन कांवड़ मेले के दौरान यातायात दबाव को देखते हुए साधारण बसों को भी एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे यात्रियों का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद वॉल्वो और एसी बसें लगभग साढ़े तीन घंटे में दिल्ली पहुंच रही हैं। यही सुविधा अब सामान्य बस यात्रियों को भी मिलने की संभावना है। इससे खासतौर पर कांवड़ मेले के दौरान लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और बस सेवाएं अधिक समयबद्ध तरीके से संचालित हो सकेंगी।
हालांकि इस बदलाव का असर उत्तराखंड परिवहन निगम की आय पर भी पड़ सकता है। पहले साधारण बसें बिहारीगढ़, छुटमलपुर, रुड़की, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, मेरठ और मोहन नगर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरती थीं, जहां बीच रास्ते से बड़ी संख्या में यात्री मिलते थे। इन मार्गों से निगम को अच्छा राजस्व प्राप्त होता था। एक्सप्रेसवे से बसें सीधे दिल्ली पहुंचेंगी, जिससे बीच के स्टॉप से मिलने वाले यात्रियों की संख्या घट सकती है और निगम की आमदनी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल परिवहन विभाग का प्राथमिक लक्ष्य कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, तेज और जाम-मुक्त यात्रा उपलब्ध कराना है। इसके लिए बस संचालन की नई व्यवस्था को जल्द लागू किया जाएगा।

