27 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड सरकार विज्ञान और तकनीक को आम लोगों के जीवन से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में देहरादून में विकसित की जा रही देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आधुनिक विज्ञान का लाभ केवल शोध संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आम जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए।
देहरादून के आईआरडीटी सभागार में आयोजित “Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की जा चुकी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नए रोजगार के अवसर पैदा करने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइंस सिटी का लाभ प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी पहुंचे। इसके लिए स्कूलों के छात्रों को नियमित रूप से साइंस सिटी का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि उनमें विज्ञान के प्रति रुचि और नई खोज करने की सोच विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी राज्य या देश की प्रगति केवल प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग से तय होती है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकें विकास की नई दिशा तय कर रही हैं और उत्तराखंड भी इस बदलाव का हिस्सा बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, स्टेम लैब्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र और जीआईएस आधारित डिजिटल सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उनका कहना था कि इन पहलों से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और राज्य तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

