29 may 2026
देहरादून। उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब वाहनों के चालान से प्राप्त होने वाली राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा सड़क सुरक्षा कोष में जमा किया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सरकार का मानना है कि सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मजबूत वित्तीय व्यवस्था जरूरी है। इसी उद्देश्य से चालान की राशि को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में खर्च करने की योजना बनाई जा रही है। इस कोष का उपयोग सड़क संकेतक लगाने, ब्लैक स्पॉट सुधारने, ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने जैसे कार्यों में किया जाएगा।
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को भी इससे नई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा कोष बनने से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में त्वरित सुधार कार्य किए जा सकेंगे। साथ ही आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संसाधनों की भी आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सड़क सुरक्षा अभियानों को लगातार आर्थिक सहयोग मिलता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस राशि का सही उपयोग किया गया तो आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिल सकती है। वहीं आम लोगों को भी यातायात नियमों के पालन के प्रति अधिक जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।

