8 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज को ऋषभ पंत का उत्तराखंड से लगाव एक बार फिर सामने आया है। अपने गृह राज्य में स्थायी रूप से घर बनाने की इच्छा लेकर पंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद मांगी है। शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन तलाशने और उसे नियमानुसार खरीदने में सहयोग की अपील की।
पंत का कहना है कि वह लंबे समय से दिल्ली से उत्तराखंड वापस आने और यहां अपना घर बनाने के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, करीब तीन साल की कोशिश के बावजूद उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक जगह नहीं मिल सकी है। इसी परेशानी को उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा।
‘उत्तराखंड लौटना चाहता हूं, लेकिन जमीन नहीं मिल रही’
ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री धामी को संबोधित करते हुए बताया कि वह उत्तराखंड में रहने के लिए एक अच्छी और पर्याप्त जगह तलाश रहे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ जमीन खरीदना नहीं, बल्कि अपने राज्य में वापस आकर यहीं अपना घर बसाना है।
पंत ने अपनी अपील में यह भी जिक्र किया कि राज्य को प्रमोट करने के दौरान उन्हें एक जमीन मिलने की बात थी, लेकिन वह मामला भी अब तक पूरा नहीं हो पाया। हालांकि, क्रिकेटर ने स्पष्ट किया कि वह इन बातों को अलग रखते हुए अब अपने स्तर पर जमीन खरीदना चाहते हैं।
पंत की खास अपील- जमीन मुफ्त में नहीं चाहिए
मुख्यमंत्री से बातचीत में पंत ने अपनी मंशा को लेकर स्थिति साफ कर दी। उन्होंने कहा कि वह सरकार से किसी तरह की मुफ्त जमीन की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी इच्छा है कि यदि सरकार के नियमों के तहत कोई उपयुक्त जमीन उपलब्ध हो तो वह उसे सरकार की निर्धारित दर पर खरीदना चाहते हैं।
पंत ने यह भी माना कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का तरीका समझ नहीं आ रहा था। इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
CM धामी ने दिया भरोसा, अधिकारियों को निर्देश
ऋषभ पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जवाब दिया। उन्होंने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों ने देश और दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने पंत की अपने राज्य लौटकर यहां योगदान देने की इच्छा की सराहना की और बताया कि उनके द्वारा उठाए गए मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों से पंत से संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
‘अपने राज्य में पहला घर बनाना चाहता हूं’
मुख्यमंत्री के जवाब के बाद पंत ने एक और संदेश के जरिए अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है, लेकिन अब वह अपने गृह राज्य में अपना पहला घर बनाना चाहते हैं।
पंत ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता सरकारी नियमों और तय दरों के अनुसार जमीन खरीदने की है। उनका मकसद अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना और भविष्य में उत्तराखंड के विकास में अपनी भूमिका निभाना है।
कुछ समय पहले बने थे उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता
ऋषभ पंत की इस अपील की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब कुछ ही सप्ताह पहले वह उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता के तौर पर सामने आए थे।
आयकर विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंत ने 23.84 करोड़ रुपये का आयकर जमा किया। इस आधार पर वह राज्य में व्यक्तिगत करदाताओं की सूची में शीर्ष पर रहे।
इससे पहले भी पंत उत्तराखंड के प्रमुख व्यक्तिगत करदाताओं में शामिल रहे हैं। इस बार उनके कर भुगतान का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक रहा।
अब नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर
ऋषभ पंत की अपील के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि राज्य सरकार उनके लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाने के बाद माना जा रहा है कि पंत की टीम और प्रशासन के बीच जल्द बातचीत हो सकती है।
फिलहाल पंत की मांग का मूल उद्देश्य साफ है—उत्तराखंड में अपनी जड़ों के करीब लौटना, नियमानुसार जमीन खरीदना और अपने गृह राज्य में अपना घर बनाना।

