16 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उत्तराखंड में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व, राजनीतिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की गरिमा और राष्ट्रहित की राजनीति के मजबूत स्तंभ थे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अटल जी का पूरा जीवन देश की सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी विचारधाराओं और दलों का सम्मान किया। उनकी वाकपटुता, सरल स्वभाव और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें देशवासियों के बीच विशेष स्थान दिलाया। उनके भाषणों में राष्ट्र के प्रति चिंता के साथ-साथ आम जनमानस की भावनाओं की गहरी समझ दिखाई देती थी।
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की थी राजनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सार्वजनिक जीवन में हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में देश ने विकास, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए। वहीं, एक कवि के रूप में उनकी संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व को और भी विशिष्ट बनाती थी। राजनीति के कठोर मैदान में रहते हुए भी उनकी भाषा में संवेदना और विचारों में मानवीयता दिखाई देती थी।
सीएम धामी ने कहा कि अटल जी की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह थी कि वे कठिन परिस्थितियों में भी संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं में विश्वास रखते थे। यही कारण है कि सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेताओं के बीच भी उनके प्रति गहरा सम्मान रहा।
उत्तराखंड से भी रहा अटल जी का गहरा जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अटल बिहारी वाजपेयी को विशेष सम्मान के साथ याद करती है। उत्तराखंड राज्य के गठन के दौर में उनके नेतृत्व की भूमिका को प्रदेश के इतिहास से अलग करके नहीं देखा जा सकता। पहाड़ के लोगों की लंबे समय से चली आ रही अलग राज्य की मांग को नई दिशा मिली और वर्ष 2000 में उत्तराखंड एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
अटल जी के प्रति उत्तराखंडवासियों के भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता उनके योगदान को सदैव स्मरण करती रहेगी। राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड के विकास की यात्रा में भी अटल जी की सोच और उनके द्वारा दिए गए विजन को महत्वपूर्ण माना जाता है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं अटल जी के विचार
सीएम धामी ने कहा कि आज जब देश तेजी से बदल रहा है, ऐसे समय में अटल जी के विचार और आदर्श नई पीढ़ी के लिए और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। राष्ट्र के प्रति समर्पण, लोकतंत्र के प्रति आस्था, समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण—ये सभी गुण युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन और सार्वजनिक कार्यों में उतारने का संकल्प लेने का दिन भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा का महत्वपूर्ण जरिया भी हो सकती है। उनका व्यक्तित्व, उनके विचार और उनकी राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने अंत में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि देश और उत्तराखंड के प्रति उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी स्मृतियां हमेशा जनमानस में जीवित रहेंगी और उनके आदर्श राष्ट्र निर्माण की राह दिखाते रहेंगे।

