5 july 2026,
देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित शराब के ठेके के बाहर हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना के पीछे किसी गैंगवार का नहीं, बल्कि बिजनौर में हुए पुराने विवाद से चली आ रही व्यक्तिगत रंजिश जिम्मेदार थी। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, तीन जुलाई की रात करीब नौ बजे कमेंद्र शर्मा अपने साथी नवीन राणा और रोहन कुमार के साथ रिंग रोड स्थित शराब के ठेके के बाहर खड़ा था। इसी दौरान तीन से चार युवक वहां पहुंचे और पिस्टल से दो राउंड फायरिंग कर दी। गोलीबारी में नवीन राणा के कंधे और कमेंद्र शर्मा के पैर में गोली लगी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस को घटना के पीछे पुरानी रंजिश का सुराग मिला।
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान, जो बिजनौर के कीरतपुर का निवासी है, का कमेंद्र शर्मा से कुछ समय पहले बिजनौर में एक शादी समारोह के दौरान विवाद हुआ था। उसी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस के मुताबिक, हाल के दिनों में अक्षय प्रधान और उसके साथी कमेंद्र शर्मा के परिचित युवक को फोन कर धमकियां और गाली-गलौज कर रहे थे। इसी बात की जानकारी मिलने पर कमेंद्र शर्मा अपने साथियों के साथ छह नंबर पुलिया के पास पहुंचा, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने के बाद फायरिंग की घटना हुई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिजनौर निवासी अरुण कुमार उर्फ छोटू (27), सन्नी कुमार (24) और आदर्श सिंह (19) को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से पूछताछ जारी है। वहीं, मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान और उसके अन्य साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना किसी संगठित आपराधिक गैंगवार का हिस्सा नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम थी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।

