देहरादून। 16 अगस्त 2026।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और खराब मौसम का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा गिरने से कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। चमोली जिले में बाजपुर के पास बदरीनाथ हाईवे बंद है। फिलहाल यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए नंदप्रयाग-कोठियालसैंण संपर्क मार्ग से आवाजाही कराई जा रही है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा जारी है, हालांकि यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी गिरा मलबा
उत्तरकाशी में सुबह से बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश होती रही। गंगनानी के पास गंगोत्री हाईवे तथा पालीगाड़ क्षेत्र में यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन के कारण मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। राहत की बात यह रही कि संबंधित टीमों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों मार्गों पर आवाजाही बहाल कर दी।
रुद्रप्रयाग में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी सीमा के बेहद करीब पहुंच गया है। रविवार सुबह आठ बजे अलकनंदा का जलस्तर 625.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी 624.95 मीटर पर बह रही थी, जबकि इसकी चेतावनी सीमा 625 मीटर है।
बीते 24 घंटे में ऊखीमठ में 75 मिमी और जखोली में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात सामान्य बताया गया है, लेकिन पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की कई सड़कें प्रभावित हैं।
पिथौरागढ़ में भी कई मार्ग प्रभावित
पिथौरागढ़ में शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर यातायात कई घंटे बाधित रहा। अस्कोट-कर्णप्रयाग मार्ग पर बेरीनाग और थल के बीच मलबा आने से भी आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटी हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, नदी और नालों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने भी लोगों, खासकर पहाड़ी मार्गों से यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही सफर करने की सलाह दी है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि बारिश का दौर जारी रहने पर भूस्खलन के कारण बंद सड़कों की संख्या बढ़ सकती है और नदियों का जलस्तर भी तेजी से ऊपर जा सकता है।

