देहरादून ; 21 अगस्त 2026,
मसूरी। लगातार हो रही बारिश ने मसूरी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा की चुनौती बढ़ा दी है। जगह-जगह भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क किनारे बने पुश्तों के कमजोर होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। शुक्रवार सुबह मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर मैगी प्वाइंट और पानेवाले बंद के आसपास पुराना पुश्ता अचानक धंस गया। इसके चलते सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मार्ग फिलहाल केवल एक लेन में सिमटकर रह गया है।
पुश्ता गिरने के बाद मार्ग पर यातायात व्यवस्था को लेकर एहतियात बरती जा रही है। लोक निर्माण विभाग ने बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जबकि छोटे वाहनों को सावधानी के साथ निकाला जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी में नमी बढ़ने से जमीन की पकड़ कमजोर हो रही है, जिससे सड़क किनारे बने पुराने संरचनात्मक हिस्सों पर दबाव बढ़ रहा है।
मौके की स्थिति को देखते हुए विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, बारिश का दौर जारी रहने के कारण क्षेत्र में दोबारा मलबा गिरने या सड़क को और नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
कैम्पटी रोड पर मकान भी हुआ धराशायी
बारिश का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। कैम्पटी रोड क्षेत्र में एक मकान की दीवारों में गुरुवार को दरारें दिखाई देने के बाद स्थिति बिगड़ गई। कमजोर हुए भवन का एक हिस्सा बाद में पूरी तरह ढह गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने मकानों और ढलानों पर बने निर्माणों को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो गई है।
एनएच-707ए पर भी सड़क धंसी
मसूरी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग 707ए पर भी बारिश ने यातायात प्रभावित किया। मसूरी बैंड से करीब तीन किलोमीटर पहले कर्नल विला और डिम्टा बैंड के बीच सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर दरक गया था। इससे कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित हुई।
स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी टीम ने मौके पर मशीनें भेजीं। दो जेसीबी की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को वाहनों के लिए अस्थायी रूप से तैयार करने का काम किया गया। इसके बाद छोटे वाहनों के लिए रास्ता दोबारा खोल दिया गया और दोपहर करीब एक बजे यातायात बहाल हो सका।
कमजोर मिट्टी बनी चिंता
एनएच-707ए के क्षतिग्रस्त हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मिट्टी की कमजोर पकड़ को लेकर है। बारिश जारी रहने पर ढलान का दबाव बढ़ सकता है और सड़क को दोबारा नुकसान पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अब सड़क को सुरक्षित रखने के साथ-साथ लगातार निगरानी बनाए रखने की चुनौती है।
मसूरी क्षेत्र में एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने बरसात के दौरान पहाड़ी मार्गों की संवेदनशीलता को फिर उजागर कर दिया है। सड़क पर सफर करने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा करें तथा भूस्खलन प्रभावित हिस्सों में अनावश्यक रुकने से बचें।

