6 august 2026 ; Dehradun।
भीमावाला। लगातार हो रही बारिश ने भीमावाला गांव में रहने वाले तीन अनाथ भाइयों की जिंदगी को एक और कठिन मोड़ पर ला खड़ा किया। बुधवार सुबह अचानक उनके कच्चे मकान की दीवार भरभराकर ढह गई, जिसके साथ ही छत भी गिर गई। हादसे के समय तीनों भाई घर में मौजूद थे, लेकिन सौभाग्य से किसी को शारीरिक चोट नहीं आई। हालांकि, घर में रखा दैनिक उपयोग का लगभग पूरा सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया, जिससे परिवार के सामने रहने और गुजर-बसर का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
गांव निवासी 17 वर्षीय साहिल अपने छोटे भाई इसराइल (10) और सलमान (7) की जिम्मेदारी पिछले करीब तीन वर्षों से निभा रहा है। माता निशा और पिता महफूज के निधन के बाद तीनों भाई इसी कच्चे मकान में रह रहे थे। परिवार का सबसे बड़ा सदस्य होने के नाते साहिल मेहनत-मजदूरी कर दोनों छोटे भाइयों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता है।
लगातार हो रही बारिश के कारण मकान पहले से ही कमजोर हो चुका था। बुधवार सुबह अचानक दीवार ढहने के बाद छत भी गिर गई और देखते ही देखते पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया। घटना में जान-माल का बड़ा नुकसान तो टल गया, लेकिन घर में रखा राशन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह खराब हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों की मदद में जुट गए। इसके बाद तहसील प्रशासन को सूचना दी गई, जिस पर राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक रिपोर्ट तैयार की है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता गुलफाम अहमद ने बताया कि तीनों भाइयों की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर है। ऐसे में मकान गिरने के बाद उनके सामने रहने की भी समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही सामाजिक संगठनों और सक्षम लोगों से भी आगे आकर बच्चों की मदद करने की अपील की है।
उप जिलााधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आपदा राहत के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

