18 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं के साथ करीब 51 मिनट तक संवाद किया। पूरे कार्यक्रम में उन्होंने भाषण देने के बजाय छात्रों की बातें सुनीं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य विषय पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल रहे।
संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र और उनके परिवार कई वर्षों तक कड़ी मेहनत और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो इसका सबसे बड़ा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जिन्होंने अपने सपनों के लिए दिन-रात मेहनत की होती है।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने नीट परीक्षा से जुड़े एक ऐसे परिवार का भी जिक्र किया, जिसने अपनी बेटी को खो दिया। उन्होंने मंच पर परिवार की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े तनाव और अनिश्चितता का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार इससे प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से सीख लेते हुए परीक्षा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि किसी भी परिवार को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उनकी मेहनत और सपनों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता बनाए रखने और युवाओं का भरोसा मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें राहुल गांधी ने ध्यानपूर्वक सुना।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में मौजूद रहे। पूरा आयोजन युवाओं के साथ सीधे संवाद और उनकी समस्याओं को समझने पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग रखी।

