9 june 2026
गैरसैंण/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के निकट स्थित मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट और विधानसभा हेलिपैड क्षेत्र के आसपास बड़े पैमाने पर भूमि खरीद-फरोख्त की चर्चाओं ने स्थानीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। क्षेत्र में करीब 40 से 50 नाली भूमि के बिकने की सूचना सामने आने के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में बाहरी खरीदारों की क्षेत्र में सक्रियता बढ़ी है। ग्रामीणों के अनुसार भूमि खरीदने वाले कई लोग जमीन के वास्तविक उपयोग को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं, जिससे भविष्य में क्षेत्र की सामाजिक और भौगोलिक संरचना पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पूर्व ग्राम प्रधान राजेश सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को भूमि बेचने से पहले उसके संभावित उपयोग और दीर्घकालिक प्रभावों की जानकारी होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अनियंत्रित तरीके से भूमि की खरीद-फरोख्त जारी रही तो कृषि योग्य भूमि और स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल पूर्ण रोक लगाने की मांग की है ताकि स्थिति की समुचित समीक्षा की जा सके।
वहीं कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने भी मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, बागवानी और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे समय में कृषि भूमि का लगातार हस्तांतरण चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सारकोट क्षेत्र के ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई जाएगी और विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर के आसपास भूमि की बढ़ती मांग भविष्य में क्षेत्र के विकास और संभावित निवेश योजनाओं से जुड़ी हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित विभाग की ओर से भूमि खरीद के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ग्रामीणों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित भूमि बिक्री पर समय रहते स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बना रहे। अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

