9 august 2026 ; Dehradun।
हरिद्वार। धर्मनगरी में कांवड़ यात्रा अब अपने उस चरण में पहुंच गई है, जब डाक कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। बैरागी कैंप और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में बड़े वाहनों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। पार्किंग क्षेत्रों में कांवड़ियों की मौजूदगी बढ़ने के साथ आसपास के इलाकों में भी चहल-पहल बढ़ गई है।
इस बार यात्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। डाक कांवड़ में इस्तेमाल होने वाले बड़े वाहनों को शहर के मुख्य हिस्सों तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कांवड़ियों के वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में ही रोका जा रहा है, जिससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम रखने की कोशिश की जा रही है।
उधर, शंकराचार्य चौक समेत प्रमुख मार्गों पर बाइक से आने वाले कांवड़ियों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। शनिवार की शाम से शुरू हुई आवाजाही रविवार तक लगातार बनी रही। बड़ी संख्या में बाइक सवारों के गुजरने से कुछ समय के लिए पैदल लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और सड़क पार करने में दिक्कतें सामने आईं।
कैंप में दिख रहा कांवड़ यात्रा का अलग रंग
बैरागी कैंप में रुकने वाले कांवड़िए अपनी जरूरत के हिसाब से वहीं भोजन तैयार कर रहे हैं। आसपास का इलाका शिवभक्तों की गतिविधियों से भरा नजर आ रहा है। नजदीक नदी में कांवड़िए स्नान कर रहे हैं, हालांकि कुछ लोगों के नदी पार करने की कोशिश करने की बात भी सामने आई है। ऐसे जोखिम भरे कदम हादसे का कारण बन सकते हैं, इसलिए सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है।
अगले दो दिन प्रशासन के लिए अहम
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मुताबिक आने वाले दो दिनों में डाक कांवड़ियों की आवाजाही अपने चरम पर रह सकती है। प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा प्रबंधन को अलग-अलग स्तर पर सक्रिय रखा है। अधिकारियों की निगरानी में कांवड़ियों की आवाजाही और वापसी के मार्गों पर नजर रखी जा रही है।
नहर पटरी पर अब कांवड़ियों की आवाजाही नहीं होने के कारण वहां इस्तेमाल की जा रही शौचालय समेत अन्य सुविधाओं को हाईवे क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। आने वाले समय में हाईवे ही कांवड़ियों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहेगा।
प्रशासन के अनुसार हर घंटे बड़ी संख्या में बाइक और बड़े वाहन हरिद्वार पहुंच रहे हैं। भीड़ की लगातार निगरानी के लिए सीसीटीवी का सहारा लिया जा रहा है। वहीं, कांवड़ियों की वापसी के समय व्यवस्थाएं बिगड़ने न पाए, इसके लिए अलग-अलग सेक्टरों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
डाक कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रहे और बढ़ते वाहनों के दबाव के बावजूद शहर की यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में बनी रहे।

