4 august ; Dehradun।
देहरादून। उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते महत्व को देखते हुए कोर विश्वविद्यालय रुड़की ने अपनी तकनीकी पहलों और भविष्य की योजनाओं का खाका राज्यपाल के सामने प्रस्तुत किया। सोमवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुभा सिंह ने भेंट की और एआई एवं प्रौद्योगिकी आधारित कार्यों की जानकारी साझा की।
प्रस्तुतीकरण के दौरान कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप तैयार करने के लिए एआई, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में तकनीकी समझ, शोध क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करना है।
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों में तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और कौशल विकास से जोड़ना जरूरी है। इससे युवा भविष्य की जरूरतों के अनुसार बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से एआई और तकनीकी क्षेत्र में किए जा रहे वर्तमान कार्यों के साथ आगामी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। राज्यपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग को समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर कोर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

