31 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को गति दे दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव संबंधी कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न चरणों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव के दौरान पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) उपलब्ध रहें, इसके लिए राज्य में पहले से मौजूद मशीनों के अलावा बिहार से भी अतिरिक्त ईवीएम मंगाई गई हैं।
निर्वाचन विभाग के अनुसार बिहार से 2,500 बैलेट यूनिट, 12,500 कंट्रोल यूनिट और 6,000 वीवीपैट मशीनें उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं। इन्हें आवश्यकता और उपलब्धता के अनुसार सभी जिलों में भेजा जा रहा है, ताकि चुनाव से पहले प्रत्येक जिले में पर्याप्त संख्या में मशीनें उपलब्ध रहें और किसी प्रकार की कमी न हो।
चुनाव आयोग की कार्ययोजना के तहत सितंबर और अक्तूबर में सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तर की तकनीकी जांच (एफएलसी) की जाएगी। इस प्रक्रिया में मशीनों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यदि कोई मशीन खराब या तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाई जाती है तो उसे चुनाव प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा, जबकि सही पाई गई मशीनों को सील कर सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
अगले महीने जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) और चुनाव कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, मतगणना और अन्य चुनावी व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही निर्वाचन विभाग जिलावार मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। चुनाव में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री, जैसे पावर पैक, सील, टैग और अन्य उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, ताकि चुनावी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकें।

