देहरादून ; 14.10.2026,
युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण होगा सम्मेलन का स्वरूप, देश-विदेश में कार्यरत प्रवासी उत्तराखण्डियों की भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर
देहरादून। प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य के विकास से जोड़ने, उनके अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ उठाने तथा उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन-2026 की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय में सम्मेलन की तैयारियों के लिए गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सम्मेलन के आयोजन, अतिथियों की सहभागिता, प्रचार-प्रसार, विभिन्न सत्रों की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन को पारंपरिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण स्वरूप प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु, सत्रों की योजना और संवाद की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे सम्मेलन अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके। इसके साथ ही प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य की सामाजिक, आर्थिक और विकास संबंधी गतिविधियों से जोड़ने के लिए सार्थक पहल की जाए।
देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे प्रवासियों को किया जाएगा आमंत्रित
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि देश के अलग-अलग प्रांतों और शहरों में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे प्रवासी उत्तराखण्डियों को चिह्नित कर सम्मेलन में आमंत्रित किया जाए। इस दौरान विभिन्न व्यवसायों, उद्योगों, शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिभाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखण्डियों के पास विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता है। सम्मेलन के माध्यम से उनके साथ सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास के लिए उपयोगी सुझाव प्राप्त किए जा सकते हैं। साथ ही उनके अनुभवों, नवाचारों और उपलब्धियों का लाभ उत्तराखण्ड की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में लिया जा सकता है।
दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में होगा आयोजन
बैठक में जानकारी दी गई कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सम्मेलन का आयोजन देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में किया जाएगा। आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और तैयारियों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप से तैयार कर ली जाए। इसके अलावा सभी संबंधित अधिकारी अपनी-अपनी तैयारियों की स्थिति से तीन से चार दिन के भीतर अवगत कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक सुधार और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
अतिथियों के आवागमन से लेकर ठहरने और भोजन तक की होगी समुचित व्यवस्था
सम्मेलन में शामिल होने वाले आमंत्रित अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव ने आवागमन, परिवहन, वाहनों, ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आमंत्रित किए जाने वाले अतिथियों की पहचान कर उनके अनुरूप आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने को भी कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्घाटन सत्र, विषयगत चर्चाओं, विभिन्न कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के आयोजन की तैयारियां निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी की जाएं। सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
विकास योजनाओं और नीतियों पर आधारित लघु फिल्मों का होगा प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार के विकास कार्यों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतिगत पहलों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रसारण भी किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य प्रवासी समुदाय को उत्तराखण्ड में हो रहे बदलावों, विकास की संभावनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं से परिचित कराना है। प्रमुख सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक पत्राचार करने और उपलब्धियों एवं योजनाओं से जुड़ी सामग्री समय पर तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सम्मेलन के दौरान इनका प्रभावी ढंग से प्रस्तुतीकरण किया जा सके।
विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारी के निर्देश
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सम्मेलन की तैयारियों को केवल आयोजन संबंधी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक गतिविधि को स्पष्ट कार्ययोजना और निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।
प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन-2026 को राज्य और प्रवासी समुदाय के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनाने की दिशा में तैयारियों को गति दी जा रही है। सम्मेलन के माध्यम से प्रवासियों के अनुभव, सुझाव और विशेषज्ञता राज्य के विकास से जोड़ने के साथ ही उत्तराखण्ड की संभावनाओं और उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

