21 may 2026
नई दिल्ली: विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार और प्रशासनिक तंत्र को लेकर तेज गतिविधियां शुरू कर दी हैं। आज शाम दिल्ली में होने वाली हाई लेवल बैठक को मौजूदा हालात के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, महंगाई और कई अहम सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी इस बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों से सीधे फीडबैक ले सकते हैं। विदेश से लौटते ही प्रधानमंत्री का सक्रिय अंदाज यह संकेत दे रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में कुछ बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक फैसले लेने की तैयारी में है।
कई मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
बैठक में गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय समेत कई विभागों के कामकाज की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। सरकार यह जानना चाहती है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर कितना पड़ रहा है।
सूत्रों का कहना है कि महंगाई नियंत्रण, ईंधन की उपलब्धता और जरूरी वस्तुओं की कीमतों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। सरकार नहीं चाहती कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़े। इसी वजह से ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को लेकर विशेष रणनीति तैयार की जा सकती है।
पश्चिम एशिया और वैश्विक तनाव पर सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते हालात पर भी बैठक में गंभीर मंथन होने की संभावना है। भारत के व्यापार, तेल आयात और सुरक्षा मामलों पर इन परिस्थितियों का क्या असर पड़ सकता है, इस पर अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा सकती है।
सरकार पहले ही कई स्तरों पर स्थिति की निगरानी कर रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह बैठक आने वाले समय की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर कुछ विशेष कदमों की घोषणा भी की जा सकती है।
संगठन और सरकार दोनों पर रहेगा फोकस
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि बैठक में सरकार के साथ-साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है। कुछ राज्यों में आगामी चुनाव और राजनीतिक रणनीति को लेकर भी संकेत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक का पूरा एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तेजी से प्रधानमंत्री विदेश से लौटते ही सक्रिय हुए हैं, उससे साफ है कि केंद्र सरकार फिलहाल किसी भी चुनौती को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
बड़े फैसलों की अटकलें तेज
दिल्ली के सियासी गलियारों में इस हाई लेवल बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि प्रशासनिक फेरबदल, नई योजनाओं की घोषणा या कुछ नीतिगत फैसलों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी संकट के समय अचानक उच्चस्तरीय बैठकें कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते रहे हैं कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में आज की बैठक को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है।

