14 august 2026 ; Dehradun।
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा सामने आया है। घटना के बाद टनल के भीतर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों और बचाव एजेंसियों को पूरी क्षमता के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे के आसपास पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुई। टनल के भीतर अचानक पानी के साथ मलबा आने से वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई। प्रारंभिक सूचनाओं में टनल के अंदर करीब 20 से अधिक श्रमिकों के मौजूद होने की बात सामने आई थी।
NDRF-SDRF समेत कई एजेंसियां मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें सक्रिय हो गईं। इसके साथ ही ITBP, सेना तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के जवानों को भी राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। टनल के भीतर पानी और मलबे की स्थिति को देखते हुए बचाव दलों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में बचाए गए श्रमिकों की संख्या में बदलाव सामने आया है; ताजा उपलब्ध रिपोर्टों में 16 श्रमिकों के सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी दी गई है, जबकि कुछ लोगों के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से लगातार घटनाक्रम की जानकारी ली है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि टनल के भीतर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों का हालचाल भी जाना और उनके उपचार तथा आवश्यक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है और बचाव अभियान की प्रगति की जानकारी उच्च स्तर पर साझा की जा रही है।
मलबा और पानी बना सबसे बड़ी चुनौती
टनल के भीतर अचानक पानी और मलबा आने के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंदर तक सुरक्षित पहुंच बनाने की है। बचावकर्मी उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों की मदद से रास्ता साफ करने तथा अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सुरंग निर्माण जैसे कठिन और जोखिमपूर्ण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान टनल के भीतर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।
रेस्क्यू अभियान जारी है और घटनास्थल से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति में लगातार बदलाव हो रहा है।

