25 july 2026 ; Dehradun!
चमोली-कुंड मोटर मार्ग पर अलकनंदा नदी के ऊपर नए स्टील गर्डर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। यह पुल न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को भी पहले से अधिक सुगम करेगा। राज्य सरकार भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में अलकनंदा नदी पर बना स्टील गर्डर पुल अपनी निर्धारित आयु पूरी होने के करीब पहुंच चुका है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से सरकार ने इसके समानांतर नया पुल बनाने का निर्णय लिया है। लगभग ₹12 करोड़ 54 लाख की लागत से बनने वाला यह 70 मीटर लंबा स्टील गर्डर पुल आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
नया पुल भविष्य में बढ़ते यातायात को ध्यान में रखते हुए डबल लेन सड़क के अनुरूप बनाया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी। निर्माण कार्य का दायित्व राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग के पास है और अधिकारियों ने अगस्त 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि चमोली और गोपेश्वर को जोड़ने वाला मौजूदा पुल काफी पुराना हो चुका है और उसकी उपयोग अवधि लगभग समाप्त होने की स्थिति में है। इसी कारण पुराने पुल के निकट नए पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अगले डेढ़ से दो वर्षों के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
नए पुल के तैयार होने के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात अधिक सुचारु होगा। साथ ही चमोली, गोपेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

