14 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय, ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बीएसएनएल ने अपनी योजनाओं को और तेज करने का ऐलान किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कंपनी ने जहां ग्राहकों के लिए नए मोबाइल और ब्रॉडबैंड ऑफर पेश किए, वहीं राज्य के ऐसे इलाकों तक नेटवर्क पहुंचाने की तैयारी भी बताई, जहां अभी संचार सुविधाएं सीमित हैं।
पटेलनगर स्थित बीएसएनएल कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्य महाप्रबंधक मनमोहन सिंह ने प्रदेश में 4जी नेटवर्क विस्तार की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि स्वदेशी 4जी तकनीक के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने का काम लगातार आगे बढ़ रहा है। अब तक करीब 500 टावरों के माध्यम से उत्तराखंड के लगभग 2,600 गांवों में 4जी सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
85 नए टावरों से 200 गांवों को मिलेगा नेटवर्क
बीएसएनएल आने वाले समय में नेटवर्क कवरेज बढ़ाने के लिए 85 नए टावर स्थापित कर रहा है। इनके तैयार होने के बाद करीब 200 और गांवों को मोबाइल नेटवर्क से जोड़े जाने की उम्मीद है। खासतौर पर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में इन टावरों के जरिए संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार सिर्फ नए टावर लगाने तक ही काम सीमित नहीं है। मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करने के साथ हाई-स्पीड उपकरण भी लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्राहकों को पहले की तुलना में बेहतर कनेक्टिविटी और इंटरनेट स्पीड मिल सके।
2399 रुपये के प्लान में बढ़ी वैधता
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसएनएल ने अपने ग्राहकों के लिए कुछ खास ऑफर भी घोषित किए हैं। 2,399 रुपये वाले वार्षिक मोबाइल प्लान की वैधता बढ़ाकर 412 दिन कर दी गई है। इससे लंबे समय के लिए रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वैधता का लाभ मिलेगा।
ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। 499 रुपये वाले फाइबर बेसिक प्लान पर छूट के बाद इसे 399 रुपये प्रतिमाह में उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। कंपनी का दावा है कि इस योजना के जरिए ग्राहकों को कम कीमत पर हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिल सकेगी।
भारतनेट से गांवों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए भारतनेट परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया गया। बीएसएनएल के मुताबिक भारतनेट के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। इसके तहत राज्य के 10 जिलों की 1,819 ग्राम पंचायतों और 30 ब्लॉक मुख्यालयों को कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है।
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड में करीब 8,300 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। इसके माध्यम से 1,659 ग्राम पंचायतों को नेटवर्क से जोड़े जाने की जानकारी दी गई।
ग्रामीण युवाओं के लिए भी अवसर
बीएसएनएल ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए भारतनेट उद्यमी अभियान भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य गांवों में इंटरनेट आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों को डिजिटल कारोबार से जोड़ना है।
नेटवर्क विहीन इलाकों के लिए सैटेलाइट फोन सेवा
दुर्गम और ऐसे क्षेत्रों में जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है, बीएसएनएल ने ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा शुरू करने की जानकारी दी है। पर्वतीय और सीमावर्ती इलाकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि प्राकृतिक बाधाओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना आसान नहीं होता।
बीएसएनएल का कहना है कि उत्तराखंड में नेटवर्क विस्तार का उद्देश्य केवल मोबाइल सेवा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पहाड़ी और ग्रामीण आबादी को तेज इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और बेहतर संचार व्यवस्था से जोड़ना भी है। आने वाले समय में नए टावरों और भारतनेट के विस्तार के साथ राज्य के और अधिक दूरस्थ गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंचने की उम्मीद है।

