देहरादून ; 26.08.2026
देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक सरल और समयबद्ध बनाने की पहल की है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन इकाइयों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत देने के साथ ही पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।
पर्यटन सचिव एवं उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल ने सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पर्यटन यात्रा व्यवसाय से संबंधित पंजीकरण और नवीनीकरण के लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमों के अनुरूप प्रकरणों की प्रक्रिया पूरी करते हुए आवेदकों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।
कई तरह की पर्यटन इकाइयों को मिलेगा लाभ
सरलीकृत व्यवस्था का दायरा केवल होटल और होम स्टे तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत होम स्टे, होटल, रिसॉर्ट, हेल्थ स्पा, गेस्ट हाउस, आश्रम, धर्मशाला और बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी आवासीय पर्यटन इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा ट्रैवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर, साहसिक पर्यटन तथा मनोरंजन गतिविधियों से जुड़ी इकाइयों को भी पंजीकरण व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन पर्यटन इकाइयों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है या जिनका पुराना पंजीकरण समाप्त हो चुका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा में दोबारा पंजीकरण कराना होगा।
180 दिन में पूरा करना होगा पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत अपंजीकृत इकाइयों और पूर्व पंजीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी इकाइयों के लिए नियमावली जारी होने की तारीख से 180 दिनों की समय सीमा तय की गई है। इस अवधि में संबंधित इकाइयों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
पर्यटन विभाग की इस पहल से प्रदेश में संचालित पर्यटन व्यवसायों को नियमानुसार अपनी गतिविधियां संचालित करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही विभागीय स्तर पर लंबित आवेदनों के तेजी से निस्तारण से कारोबारियों को राहत मिल सकती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है जिसमें पर्यटन कारोबारियों को पंजीकरण या नवीनीकरण के लिए अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। जिला स्तर पर अधिकारियों को प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ देखने के निर्देश दिए जाने से प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।
उत्तराखंड में पर्यटन रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में होम स्टे से लेकर एडवेंचर टूरिज्म और ट्रैवल कारोबार तक पंजीकरण व्यवस्था को सुगम बनाने की यह पहल छोटे-बड़े पर्यटन व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

