21 july 2026 ; Dehradun !
देहरादून/बदरीनाथ। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित हेराफेरी के मामले के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपनी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति ने आय-व्यय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समिति के अधीन आने वाले मंदिरों, गेस्ट हाउसों और विद्यालयों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय रिकॉर्ड, श्रद्धालु सुविधाओं और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिरों में होने वाली सभी आय और खर्च का रिकॉर्ड पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए। चढ़ावे, दान और अन्य मदों से प्राप्त होने वाली धनराशि की निगरानी के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने को कहा गया। साथ ही रिकॉर्ड में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई।
बैठक में यह भी कहा गया कि अधीनस्थ मंदिरों और अन्य संस्थानों में व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया जाए, ताकि कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाई जा सके। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए।
बीकेटीसी प्रशासन का मानना है कि मंदिरों की व्यवस्था केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ी हुई है। ऐसे में वित्तीय और प्रशासनिक प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है।
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की चर्चा के बाद समिति ने यह कदम उठाया है। अब बीकेटीसी की कोशिश है कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति को रोका जा सके और श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखा जा सके।

