16 june 2026
देहरादून/बद्रीनाथ, 16 जून। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व आमद देखने को मिल रही है। चारधाम यात्रा के दौरान भगवान बद्रीविशाल के प्रति भक्तों की आस्था लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 14 जून की शाम 5 बजे तक 11,09,993 से अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। विशेष बात यह है कि 15 जून से पहले ही 11 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया, जिसे अब तक के सबसे तेज़ धार्मिक आवागमन में से एक माना जा रहा है।
धाम में इन दिनों सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पुरुषोत्तम मास समाप्त होने के बाद भी दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय और पर्यटन गतिविधियों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है।
यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर यातायात का दबाव बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। मौसम की अनिश्चितता, पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश और लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में धाम पहुंच रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो सके।
धार्मिक जानकारों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, ऑनलाइन पंजीकरण सुविधाएं, यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार और चारधाम यात्रा के प्रति बढ़ती धार्मिक आस्था इस रिकॉर्ड संख्या के प्रमुख कारण हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार यात्रा सीजन के शुरुआती चरण में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने नए आयाम स्थापित किए हैं।
उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग के लिए भी यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि राज्य देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होकर उभर रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले सप्ताहों में बद्रीनाथ धाम इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या के कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकता है।
आस्था, श्रद्धा और विश्वास का यह अद्भुत संगम हिमालय की गोद में स्थित बद्रीनाथ धाम को एक बार फिर देश के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में स्थापित कर रहा है।

