13 august 2026 ; Dehradun।
दून विश्वविद्यालय में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित केन्द्रीय पुस्तकालय भवन और स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में स्थापित कम्युनिटी रेडियो 88.4 एफएम का भी शुभारम्भ किया गया।
इन नई सुविधाओं से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन, प्रयोगात्मक शिक्षा तथा सूचना एवं संचार के क्षेत्र में नए अवसर मिलने की उम्मीद है। दून विश्वविद्यालय में केन्द्रीय पुस्तकालय लंबे समय से शिक्षण एवं शोध गतिविधियों को सहयोग देने वाली प्रमुख सुविधा रहा है। विश्वविद्यालय के अनुसार पुस्तकालय में पाठ्य पुस्तकों, संदर्भ सामग्री, शोध संबंधी संसाधनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक जर्नल और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध है।
आधुनिक प्रयोगशाला से बढ़ेगा प्रायोगिक अध्ययन का दायरा
स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के लिए नए प्रयोगशाला भवन का महत्व विद्यार्थियों की प्रायोगिक शिक्षा और शोध कार्यों के लिहाज से खास माना जा रहा है। आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से विद्यार्थियों को कक्षा में हासिल सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से समझने और शोध गतिविधियों में आगे बढ़ने का बेहतर वातावरण मिल सकता है। विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज पहले से संचालित है और इसके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचे में विभागीय स्तर पर गतिविधियां जारी हैं।
88.4 एफएम से विश्वविद्यालय और समाज के बीच बनेगा संवाद
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण दून विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो 88.4 एफएम का शुभारम्भ रहा। कम्युनिटी रेडियो को शिक्षा, जन-जागरूकता और स्थानीय स्तर पर संवाद का माध्यम बनाया जा सकता है। इसके जरिए विश्वविद्यालय से जुड़ी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ समाजोपयोगी जानकारी, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और स्थानीय मुद्दों से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक श्रोता वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
इस पहल से विश्वविद्यालय की भूमिका केवल परिसर तक सीमित न रहकर आसपास के समुदाय के साथ संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान तक विस्तारित होने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए यह मंच रेडियो प्रस्तुति, संचार, सामग्री निर्माण और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का माध्यम भी बन सकता है।
शिक्षा के साथ शोध और नवाचार पर जोर
दून विश्वविद्यालय राज्य सरकार का विश्वविद्यालय है और शिक्षण, शोध तथा बहुविषयक अकादमिक गतिविधियों पर काम करता है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के विभिन्न कार्यक्रम संचालित होते हैं।
केन्द्रीय पुस्तकालय, जैविक विज्ञान की प्रयोगशालाओं और कम्युनिटी रेडियो जैसी सुविधाओं का एक साथ विस्तार विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ शोध, प्रयोग और संचार के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता विकसित करने के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में हुए इन लोकार्पण और शुभारम्भ कार्यक्रमों ने दून विश्वविद्यालय के विकास में एक और अध्याय जोड़ा है। आने वाले समय में इन सुविधाओं का प्रभाव विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ शोधार्थियों और आसपास के समुदाय तक पहुंचने की उम्मीद है।

