2 june 2026
देहरादून: साइबर ठगी के एक मामले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने गुरुवार को देहरादून के राजपुर क्षेत्र में स्थित एक कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 11 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई और कॉल सेंटर कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुंबई में दर्ज एक साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक मोबाइल सिम कार्ड के इस्तेमाल के संबंध में अहम सुराग मिला। जांच में सामने आया कि संबंधित सिम का लिंक देहरादून के राजपुर स्थित कॉल सेंटर से जुड़े एक युवक तक पहुंचता है। इसी आधार पर मुंबई पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से कॉल सेंटर पहुंची और वहां काम कर रहे 11 युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड किसके नाम पर पंजीकृत था, उसका वास्तविक उपयोग कौन कर रहा था और क्या इस मामले में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है। साथ ही कॉल सेंटर के संचालन, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और तकनीकी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हिरासत में लिए गए सभी युवक मामले में आरोपी हैं या उन्हें केवल पूछताछ के उद्देश्य से साथ ले जाया गया है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी की भूमिका को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं मिलती है तो उसे नियमानुसार राहत दी जाएगी, जबकि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साइबर अपराधों के बढ़ते नेटवर्क और राज्यों के बीच पुलिस समन्वय की अहमियत को उजागर किया है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े अन्य खुलासे भी सामने आ सकते हैं।

